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नयी दिल्ली। नोटबंदी के चार साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि इससे काले धन को कम करने में मदद मिली है, कर जमा करने में वृद्धि हुई है और पारदर्शिता बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 की आधी रात से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी, जो उस समय चलन में थे। मोदी ने आज ट्विटर पर विमुद्रीकरण के अपनी सरकार के फैसले के लाभों को गिनाया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘नोटबंदी ने कालेधन को कम करने में, कर अनुपालन बढ़ाने में तथा पारदर्शिता सुदृढ़ करने में मदद की है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ये परिणाम देश की प्रगति के लिए बहुत लाभकारी रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट के साथ एक ग्राफिक भी साझा किया है, जिसमें दर्शाया गया है कि किस तरह से विमुद्रीकरण से कर जमा होने में वृद्धि हुई, कर तथा जीडीपी अनुपात बढ़ा, भारत अपेक्षाकृत कम नकदी आधारित अर्थव्यवस्था बना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिली।
गौरतलब है कि आठ नवंबर 2016 को रात आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को उसी दिन आधी रात से बंद करने की घोषणा की थी और इनकी जगह 500 और 2000 रुपये के नए नोट लाने का ऐलान किया था। जिसको आज चार वर्ष पूूर्ण हो गए है।